| Abstract: | यह शोध पत्र लोक सेवा की भूतकाल की कार्यप्रणाली का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रक्रिया के साथ साथ वर्तमान में ई गवर्नेंस को अपनाने से सरकारी सेवाओं के वितरण, प्रबंधन, सुविधात्मक, सुरक्षात्मक व जनता में विश्वसनीय परिवर्तन को दर्शाता है। आम नागरिक के लिए वर्षों पहले तक सरकारी निकायों के माध्यम से अपने कार्य करवाना एक भँवर से निकलने जैसा था। कुछ दिनों के काम को कई महीने भी लग जाते थे | जन्म, जाति,व निवास प्रमाण पत्र लेने के लिए कई विभागों के चक्कर लगाना, लंबी कतारों में लगना, सीमित जानकारी, गलत विवरण, भ्रष्टाचार, रिकॉर्ड की असुरक्षा, समय व संसाधन की बर्बादी आदि समस्याओं से गुजरना होता था। वर्तमान में ई- गवर्नेंस के माध्यम से सरकार, सरकारी कर्मचारी व आम जनता के लिए काम करना व करवाना काफी आसान हो गया है। अब सरकारी पोर्टल 24X7 खुले रहते हैं, जिससे जनता घर बैठे आवश्यकतानुसार किसी भी समय अपने कार्य को कर सकती है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना आदि राज्यों ने ई- गवर्नेंस को अपनाने में पहल की है। भ्रष्टाचार को समाप्त करने, पारदर्शिता, कुशलता व जवाबदेहिता को बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे है, जैसे कर भुगतान के लिए डिजिटल प्रणाली, ऑनलाइन भूमि अभिलेख, उमंग, डीजी लॉकर, राष्ट्रीय ई गवर्नेंस की योजना, एटीवीटी (आपनो तालुका, वाइब्रेंट तालुका) जिसके माध्यम से एक ही स्थान पर लगभग 150 सेवाएं उपलब्ध करवाना व मोबाइल एप्स आदि के द्वारा अनेक सेवाएं प्रदान कर सरकार ने आम जनता के समय व धन की बचत कर उनके काम को आसान कर दिया है, जिससे राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता जा रहा है और विश्व गुरु बनने का अपना सपना भी साकार किया जा सकता है | |