कोविड-19 वैश्विक महामारी, मानव और मानवाधिकार

Subject:Political Science
Title:कोविड-19 वैश्विक महामारी, मानव और मानवाधिकार
Author(s):Rajat Saini
Published on:30th August 2025
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/E-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 2, Issue: 3
Pages:110-117
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.16978178
Repository DOI: 
Abstract:कोविड-19 वैश्विक महामारी न केवल एक स्वास्थ्य संकट थी, बल्कि यह मानवता और मानवाधिकारों की व्यापक एवम् कठिन आज़माइश भी बनी। इस शोध में वर्ष 2020 से 2023 के मध्य “डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा जागृति सोशल वेलफेयर सोसाइटी” द्वारा किए गए जमीनी प्रयासों के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि कैसे एक स्वयंसेवी संस्था (NGO) ने नागरिक अधिकारों की रक्षा,जन-जागरूकता और राहत कार्यों में प्रभावशाली भूमिका निभाई। लेखक ने इस संस्था में एक स्वयंसेवक के रूप में कार्य की शुरुआत की और आगे चलकर दो वर्षों तक जिला समन्वयक की भूमिका का निर्वहन किया। फील्ड डायरी, 55+ साक्षात्कार, व्हाट्सएप क्लस्टर डेटा और सरकारी दस्तावेजों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि लॉकडाउन,सूचना की अस्पष्टता,फेक न्यूज़, डिजिटल असमानता और वैक्सीनेशन झिझक ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को सबसे अधिक प्रभावित किया। इस अध्ययन के केंद्र में केवल आँकड़े नहीं, बल्कि वे चेहरे, कहानियाँ और संघर्ष हैं जो आँकड़ों के पीछे अक्सर छिप जाते हैं। महामारी ने यह सिखाया कि ‘‘अधिकार केवल संविधान की पंक्तियों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर किए गए छोटे-छोटे मानवीय प्रयासों में भी जीवित रहते हैं।
Keywords:कोविड-19 महामारी, मानवाधिकार, नागरिक समाज, स्वयंसेवी संस्था (NGO), सामाजिक असमानता, डिजिटल डिवाइड, वैक्सीनेशन झिझक, सामुदायिक सहयोग
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