| Subject: | Social Work \ Gender Studies |
| Title: | ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के विविध आयामः कुमाऊँ हिमालय के पर्वतीय जनपदों का तुलनात्मक अध्ययन |
| Author(s): | डाॅ विजेता सत्याल, प्रो. एच. सी. जोशी & डाॅ. जितेन्द्र कुमार लोहनी |
| Published on: | 30th May 2026 |
| Published by: | Lyceum India |
| Name of the Journal: | Lyceum India Journal of Social Sciences |
| ISSN/E-ISSN: | 3048-6513 |
| Volume & Issue: | Volume: 3, Issue: 7 |
| Pages: | 70-81 |
| Original DOI (if any): | 10.5281/zenodo.20391422 |
| Repository DOI: | |
| Abstract: | महिला सशक्तिकरण किसी भी राष्ट्र के समावेशी और सतत विकास का मुख्य आधार है। भारत जैसे विकासशील देश में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ना हमेशा से एक नीतिगत प्राथमिकता रही है। उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और मनी-ऑर्डर अर्थव्यवस्था के कारण यहाँ के पर्वतीय अंचलों में ग्रामीण महिलाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जहाँ वे कृषि से लेकर गृह-प्रबंधन तक की धुरी हैं। प्रस्तुत शोध पत्र कुमाऊँ हिमालय के तीन प्रमुख पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ तथा बागेश्वर के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों का एक तुलनात्मक अध्ययन करता है। यह अध्ययन विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं की घरेलू निर्णय-निर्माण प्रक्रिया, वित्तीय स्वायत्तता, पारिवारिक सुरक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिकताओं पर केंद्रित है। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं का सशक्तिकरण क्रमिक रूप से आगे बढ़ रहा है, परंतु पूर्ण निर्णय-निर्माण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर केंद्रित नीतियों की आवश्यकता है। |
| Keywords: | ज्ञमलूवतकेद्धरू ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, घरेलू निर्णय, कुमाऊँ, हिमालय, वित्तीय, स्वायत्तता |
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