| Abstract: | वृद्धावस्था मानव जीवन का अंतिम चरण है, जिसमें व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक परिवर्तनों से गुजरता है। आधुनिक समाज में जहाँ तकनीकी प्रगति और जीवनशैली में तीव्र परिवर्तन हुए हैं, वहीं वृद्धों की स्थिति दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। पारिवारिक संरचना में बदलाव, एकल परिवारों की बढ़ती संख्या, आर्थिक निर्भरता और मूल्य-परिवर्तन के कारण वृद्धों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएँ बढ़ रही हैं। यह शोध पत्र वृद्धावस्था की सामाजिक स्थिति, वृद्धों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार के प्रकार, कारण, प्रभाव और समाधान का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण प्रस्तुत करता है। |