भारतीय अर्थव्यवस्था: वर्तमान स्थिति, विकास, चुनौतियाँ एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

Subject:Economics \ Gender Studies
Title:भारतीय अर्थव्यवस्था: वर्तमान स्थिति, विकास, चुनौतियाँ एवं महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
Author(s):डॉ. अंबिका शर्मा
Published on:30th June 2026
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/e-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 3, Issue: 8
Pages:120-123
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.21005475
Repository DOI: 
Abstract:भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे तेज़ी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत ने नियोजित विकास, औद्योगीकरण, कृषि सुधार, उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण जैसी नीतियों को अपनाकर आर्थिक प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वर्तमान समय में भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है तथा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आधार पर अग्रणी देशों में अपना स्थान बना चुका है। विशाल जनसंख्या, बढ़ता उपभोक्ता बाजार, तकनीकी नवाचार, डिजिटलीकरण और युवा कार्यबल भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख शक्तियाँ हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास केवल उत्पादन और आय वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक समावेशन और लैंगिक समानता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण आज आर्थिक विकास का एक प्रमुख आधार बन चुका है। किसी भी राष्ट्र की आर्थिक उन्नति तब तक पूर्ण नहीं मानी जा सकती जब तक उसकी आधी आबादी आर्थिक गतिविधियों में समान रूप से भागीदारी न करे। इसलिए भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के बीच घनिष्ठ संबंध स्थापित हो चुका है। यह लेख भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति, विकास, प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की भूमिका का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
Keywords:निवेश और आर्थिक विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कृषि एवंव्यापार, महंगाई, महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण
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