महिला उद्यमिता को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का अध्ययन

Subject:Gender Studies \ Economics
Title:महिला उद्यमिता को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का अध्ययन
Author(s):अनुपम मिश्रा & प्रो. रंजू कुशवाहा
Published on:30th August 2026
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/e-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 3, Issue: 10
Pages:159-173
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.22084279
Repository DOI: 
Abstract:महिला उद्यमिता भारत के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण आधार है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में महिला उद्यमिता को प्रभावित करने वाले सामाजिक एवं आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना है। अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक शोध अभिकल्प का उपयोग किया गया। प्राथमिक आँकड़ों के संग्रह हेतु संरचित प्रश्नावली का प्रयोग किया गया तथा उद्देश्यपूर्ण निदर्शन पद्धति के आधार पर 50 महिला उद्यमियों का चयन किया गया। द्वितीयक आँकड़े पुस्तकों, शोध-पत्रों, सरकारी प्रतिवेदनों तथा अन्य प्रकाशित स्रोतों से प्राप्त किए गए। एकत्रित आँकड़ों का वर्गीकरण, सारणीकरण तथा प्रतिशत आधारित सांख्यिकीय विश्लेषण किया गया। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि अधिकांश महिला उद्यमी 31–40 वर्ष आयु वर्ग की, स्नातक शिक्षित तथा विवाहित हैं। अधिकांश उत्तरदाता संयुक्त परिवारों से संबंधित हैं तथा उन्होंने अपना व्यवसाय स्वयं की बचत अथवा पारिवारिक सहयोग से प्रारम्भ किया है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि परिवार का सहयोग, शिक्षा, प्रशिक्षण, निर्णय लेने की स्वतंत्रता, पर्याप्त पूंजी, बैंकिंग सुविधाएँ तथा बाजार तक पहुँच महिला उद्यमिता के विकास के प्रमुख निर्धारक हैं। दूसरी ओर पूंजी की कमी, विपणन संबंधी कठिनाइयाँ, सरकारी योजनाओं की सीमित पहुँच, तकनीकी ज्ञान का अभाव तथा पारिवारिक उत्तरदायित्व महिला उद्यमियों के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ हैं। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि महिला उद्यमिता के प्रभावी विकास के लिए वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, सरल ऋण व्यवस्था, विपणन सहायता तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है। यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, बैंकिंग संस्थाओं, प्रशिक्षण संगठनों तथा शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी आधार प्रदान करता है तथा महिला उद्यमिता के माध्यम से स्थानीय आर्थिक विकास एवं महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
Keywords:महिला उद्यमिता  सामाजिक कारक  आर्थिक कारक  महिला सशक्तिकरण  स्वरोजगार  वित्तीय समावेशन
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