साहित्य, समाज और मीडिया का अंतरसंबध : वर्तमान संदर्भ में

Subject:Cultural Studies/Media Studies
Title:साहित्य, समाज और मीडिया का अंतरसंबध : वर्तमान संदर्भ में
Author(s):डॉ. हिरा पोटकुले
Published on:28th February 2026
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/E-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 3, Issue: 3
Pages:927-930
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.18852028
Repository DOI: 
Abstract:साहित्य समाज रूपी शरीर की आत्मा है तो मीडिया उसकी आवाज। जनमासन को शिक्षित करने, जागरुक बनाने में साहित्य और मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साहित्य, समाज और मीडिया का गहरा संबंध है। साहित्य, समाज और मीडिया का यह संबंध निश्चित रूप से मानवी जीवन में सकारात्मक परिर्तन लाने की क्षमता रखता है। साहित्य ऐसा माध्यम है जिसमें किसी एक वर्ग, जाति-धर्म-समाज, समूह, संप्रदाय या प्रदेश के बजाय समस्त विश्व-समाज के कल्याण की भावना निहित है। साहित्य में समाज की खोज होती है जिसमें जीवन-जगत का बोध, यथार्थ की चेतना, चरित्रों का निर्माण, भावों- विचारों की व्यंजना के तरीकों को महत्व हैंl वास्तव में साहित्य का अविर्भाव समाज से ही होता है जिसे रचनाकार अपने विचार, भावों के साथ अपने शब्दों के माध्यम से एक आकार देता है। साहित्य और मीडिया समाज को व्यापक रूप से प्रभावित करने का सशक्त माध्यम है। समाज के नवनिर्माण में साहित्य और मीडिया की केंद्रीय भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
Keywords:साहित्य, समाज, मीडिया, वर्तमान, सूचना प्रौद्योगिकी
 Download

Leave a Reply