| Subject: | Political Science |
| Title: | भारत: लोकतंत्र,राजनीति, मुफ्तखोरी संस्कृति : एक समकालीन विश्लेषण |
| Author(s): | रजत सैनी |
| Published on: | 30th November 2025 |
| Published by: | Lyceum India |
| Name of the Journal: | Lyceum India Journal of Social Sciences |
| ISSN/E-ISSN: | 3048-6513 |
| Volume & Issue: | Volume: 2, Issue: 6 |
| Pages: | 163-171 |
| Original DOI (if any): | 10.5281/zenodo.17744617 |
| Repository DOI: | |
| Abstract: | भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसने एक जीवंत लोकतंत्र के रूप में अनेक सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियों का सामना किया है। स्वतंत्रता के पश्चात के दशकों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अंतर्गत राजनीतिक दलों ने जनता को लुभाने के लिए अनेक प्रकार की मुफ्त योजनाओं की घोषणा की। इन योजनाओं ने जहाँ एक ओर तो समाज के कुछ वर्गों को तात्कालिक राहत प्रदान की, वहीं दूसरी ओर राज्य की राजकोषीय स्थिरता, नीतिगत प्राथमिकताओं औरदीर्घकालिक विकास को कठघरे में खड़ा किया है। यह शोधपत्र भारतीय लोकतंत्र, राजनीतिक व्यवहार, मुफ्तखोरी की संस्कृति और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास पर प्रभावों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें यह भी विवेचना की गई है कि कैसे ‘कल्याणकारी राज्य’ और ‘राजनीतिक लालच’ के बीच की सीमाएँ धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही हैं, और इसका भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है। |
| Keywords: | लोकतंत्र, चुनावी राजनीति, मुफ्तखोरी संस्कृति, कल्याणकारी राज्य, सब्सिडी, राजकोषीय अनुशासन |
| | Download PDF |