जंक फूड के किशोरावस्था पर प्रभाव: जनपद कानपुर का एक अध्ययन

Subject:Home Science
Title:जंक फूड के किशोरावस्था पर प्रभाव: जनपद कानपुर का एक अध्ययन
Author(s):सुनैना शुक्ला
Published on:30th May 2026
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/E-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 3, Issue: 7
Pages:64-69
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.20391400
Repository DOI: 
Abstract:किशोरावस्था का काल 13 वर्ष से 24 वर्ष तक रहता है। किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का स्वर्णिम काल या वसंत काल के नाम से जाना जाता है। यह अवस्था शारीरिक परिपक्तता की अवस्था है। इस अवस्था में किशोरो की हड्डियों में दृढ़ता आती है। किशोरावस्था संवेदनशीलता की अवस्था होती है। इस अवस्था में प्रायः कई कारणों से बच्चे जंक फूड्स खाने से अपने आप को रोक नहीं सकते । प्रायः बढ़ती उम्र के कारण किशोर अनियंत्रित हो जाते है या कुछ कारणों से दुखी हो जाते है, तो उससे छुटकारा पाने के लिए तथा खुद को खुश करने तथा अपने दोस्त को भी खुश करने के लिए साथी समूह के साथ रात्री पार्टी या नास्ते में फास्ट फूड या जंक फूडस का उपयोग करते है, जो अधिक नमक, चीनी और वसा युक्त होने के कारण शारीरिक और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। इससे नींद की कमी तथा विभिन्न त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है। फास्ट फूड्स के आकर्षक और स्वादिष्ट होने के कारण किशोर फल, सब्जिया, सलाद आदि स्वास्थ्यप्रद खाद्य पदार्थ खाना पसन्द नही करते है।
Keywords:किशोरावस्था, जंकफूड शारीरिक, विकास, कानपुर
 Download PDF

Leave a Reply