| Abstract: | नेपाल दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण हिमालयी राज्य है, जिसकी विदेश नीति परंपरागत रूप से भारत-केंद्रित रही है। किंतु हाल के वर्षों में नेपाल में चीन की बढ़ती राजनीतिक, आर्थिक, कूटनीतिक एवं सामरिक उपस्थिति ने इस पारंपरिक समीकरण को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। विशेष रूप से 2015 के बाद चीन–नेपाल संबंधों में तीव्रता आई है, जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत–नेपाल संबंधों पर पड़ा है। यह शोध-पत्र नेपाल में चीन की बढ़ती उपस्थिति के विभिन्न आयामों—जैसे बेल्ट एंड रोड पहल (BRI), अवसंरचनात्मक निवेश, सुरक्षा सहयोग, राजनीतिक संपर्क तथा सॉफ्ट पावर—का विश्लेषण करता है और यह जांचने का प्रयास करता है कि ये कारक भारत–नेपाल संबंधों की प्रकृति, दिशा और संतुलन को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं। शोध पत्र यह भी स्पष्ट करता है कि नेपाल किस प्रकार भारत और चीन के बीच संतुलनकारी विदेश नीति अपनाने का प्रयास कर रहा है। शोध पत्र में प्रस्तुत किया गया है कि नेपाल में चीन की बढ़ती भूमिका ने भारत के पारंपरिक प्रभाव को चुनौती दी है, किंतु भारत–नेपाल संबंधों की रणनीतिक, सांस्कृतिक और जन-स्तरीय गहराई को पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। यह अध्ययन भारत के लिए नीतिगत चुनौतियों एवं संभावनाओं को रेखांकित करता है तथा सुझाव देता है कि आपसी विश्वास, विकास साझेदारी और संवेदनशील कूटनीति के माध्यम से भारत–नेपाल संबंधों को पुनः सुदृढ़ किया जा सकता है। |