शिवानी साहित्य के विविध संवेदनायें व उनके आयाम

Subject:Literature
Title:शिवानी साहित्य के विविध संवेदनायें व उनके आयाम
Author(s):कु. सपना
Published on:30th December 2025
Published by:Lyceum India
Name of the Journal:Lyceum India Journal of Social Sciences
ISSN/E-ISSN:3048-6513
Volume & Issue:Volume: 2, Issue: 7
Pages:209-219
Original DOI (if any):10.5281/zenodo.18784191
Repository DOI: 
Abstract:शिवानी हिन्दी की उन बड़ी कथाकारों में से है, जिन्होंने अपने पात्रों को बड़ी ममता और संवेदना से रचा है और उन्हें करूणा का एक ऐसा अक्षयकोश सौंप दिया है कि वे हमें बार-बार मानवीय करूणा और विडंबना की डबडबाई आँख के आगे लाकर खड़ा करते हैं। उनके पात्र अपनी संवेदना की अजस्र धारा में इस कदर बहा ले जाते हैं कि उनका कोई भी उपन्यास एक बार शुरू कर देने के बाद बीच में कहीं छोड़ देना असंभव है। हम मानो करूण नियति झेल रहे हैं, उनके पात्रों के साथ-साथ ही थपेड़े खाते हुए कथा के अंत तक पहुँचने के लिए विकल हो उठते हैं। यही शिवानी के उपन्यासों का जादुई सम्मोहन है, जो पाठकों को विभिन्न संवेदनाओं के द्वारा इस कदर बांध लेता है कि शिवानी के उपन्यास पढ़ लेने के बाद बार-बार उनके उपन्यास तलाशने में जुट जाते हैं।
Keywords:कथाकार, शिवानी, ममता, करूणा एवं संवेदना
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